हर राज दिल के खोलती है ,तेरी तस्वीर कितना बोलती है ।
लहराती हुई खुली जुल्फों से ,
तू पास दिल को खीच लेती है ।
मुस्कुराते लबों से अपने ,
तू बातों में शहद घोल देती है ।
हर राज दिल के खोलती है ,प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष डॉ. चमन लाल शर्मा प्रोफेसर ' हिन्दी ' शासकीय कला एवं विज्ञान स्नातकोत्तर महावि...
Beautiful photo..
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