Tuesday, 7 April 2009

अभिलाषा

हर राज दिल के खोलती है ,
तेरी तस्वीर कितना बोलती है ।

लहराती हुई खुली जुल्फों से ,
तू पास दिल को खीच लेती है ।

मुस्कुराते लबों से अपने ,
तू बातों में शहद घोल देती है ।


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