देश से बड़कर धर्म नहीं है मानवता से बड़ा कोई कर्म नहीं है प्यार मोहब्बत भाई चारा जुड़ कर रहना सीखो यारा धर्म के ऊपर युद्ध नहीं हो धर्म स्थल पे द्वन्द नहीं हो राम रहीम ईशा औ बुद्ध ने मोसेस नानक औ महावीर ने प्यार सिखाया नहीं सिखाई नफ़रत सौहाद्र शांति की डाली थी आदत चाहे जिस रूप में याद करे हम इश्वर अल्लाह या god कहे हम मिलकर रहना प्रेम बाँटना यही इबादत यही है जीना देश से बड़कर धर्म नहीं है मानवता से बड़ा कोई कर्म नहीं है प्यार मोहब्बत भाई चारा जुड़ कर रहना सीखो यारा
हिन्दी साहित्य, भाषा-विज्ञान, समाज-विज्ञान, भारतीय संस्कृति और सिनेमा पर प्रामाणिक शोधपरक आलेख। संपादक: डॉ. मनीष कुमार मिश्रा।