तेरी यादों की चादर तान कर सोते हैं,
बेवफा तुझे मानकर रोते हैं.
मोहबत्त के अंजाम से वाकिफ थे हम,
मोल खतरे कुछ जानकर लेते हैं.
ये हिन्दुस्तान की रवायत है यारों,
हम दुश्मन को भी माफ़ कर देते हैं.
हिं दी के पक्ष में जिस भावुकता के साथ तर्क रखे जाते हैं उन्होंने हिंदी का कोई भला नहीं किया अपितु नुकसान ही अधिक हुआ । हिंदी की ...