इस तस्वीर की इतनी सी कहानी है ,
ये मेरे प्यार की निशानी है ।
जो लिख रहा हूँ नयी ग़ज़ल में ,
वो सब बात पुरानी है ।
ये चेहरा उसी शोख कातिल का है,
नाम जिसके कर दी जवानी है ।
वेशभूषा और नैतिकता: सामाजिक मानदंड, लैंगिक दृष्टि और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का आलोचनात्मक अध्ययन सारांश वेशभूषा मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता होने...
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