इस तस्वीर की इतनी सी कहानी है ,
ये मेरे प्यार की निशानी है ।
जो लिख रहा हूँ नयी ग़ज़ल में ,
वो सब बात पुरानी है ।
ये चेहरा उसी शोख कातिल का है,
नाम जिसके कर दी जवानी है ।
थाली की राजनीति: भारतीय साहित्य में भोजन, भूख, जाति, लैंगिकता और सांस्कृतिक सत्ता डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा एसोसिएट प्रोफेसर, हिन्दी विभाग...
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