इस तस्वीर की इतनी सी कहानी है ,
ये मेरे प्यार की निशानी है ।
जो लिख रहा हूँ नयी ग़ज़ल में ,
वो सब बात पुरानी है ।
ये चेहरा उसी शोख कातिल का है,
नाम जिसके कर दी जवानी है ।
जाने क्यों तुझे मैंने फिर पुकारा नहीं, मुश्किल ये कि तेरे बिन गुज़ारा नहीं। सफ़र लंबा है अभी बड़ी दूर जाना है अब किसे आवाज़ दूँ कोई सहारा न...
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