Thursday, 30 April 2009

चंद शब्दों की कहानी नही होती

चंद शब्दों की कहानी नहीं होती ;
कुछ पलों की जवानी नहीं होती /
जिंदगी तो यूँ भी गुजर जायेगी लेकिन ;
बिना मोहब्बत के जिंदगानी जिंदगानी नहीं होती /
-----------------------------------------------
-----------------------------------------------
आज फिर तमन्नावों ने पंख फैलाये हैं ,
आज फिर खवाबों ने तेरी झलक पाए हैं ;
महफ़िल सजाई है अपनी तन्हाई की ,
आज फिर यादों ने बेवफाई की है ;
आज गुरेज कैसे करते हया से तेरी दूरी का ,
ये रास्ते तो हमने ही तुम्हें दिखाएँ हैं /

2 comments:

Share Your Views on this..

संयुक्त राष्ट्र का “Correct the Map” प्रस्ताव मर्केटर से Equal Earth तक—अफ्रीका, मानचित्रण और वैश्विक प्रतिनिधित्व की नई राजनीति डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा

संयुक्त राष्ट्र का “Correct the Map” प्रस्ताव मर्केटर से Equal Earth तक—अफ्रीका, मानचित्रण और वैश्विक प्रतिनिधित्व की नई राजनीति डॉ. मनीष कु...

Popular Posts