Showing posts with label सपने /. Show all posts
Showing posts with label सपने /. Show all posts

Friday, 25 June 2010

मेरी जिंदगानी ने सपने बहुत बुने थे लेकिन

मेरी जिंदगानी ने सपने बहुत बुने थे लेकिन ,
तेरी कहानी ने मेरे किस्से नहीं सुने ;
तुझसे तुझको मै चुरा लेता लेकिन ,
तेरी आखों ने मेरे सपने नहीं सुने ;
बाहों में भरना इतना भी मुश्किल न होता लेकिन ,
मैंने झूठे जजबातों के वाकये नहीं बुने /

भारतीय ज्ञान परम्परा और पर्यावरण चिंतन '

 🕉️ *सादर अभिवादन* 🙏 दिनांक 24 फरवरी, 2026 को हिंदी विभाग ,इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर, रेवाड़ी (हरियाणा)द्वारा आयोजित *एक दिवसीय*  ...