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Friday, 9 July 2010

चाह के भी न कह सका प्यार मै ,

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चाह के भी न कह सका प्यार मै ,

तेरी आखों ने रोक लिया कैसे करता इजहार मै ;

बाहें मचल रही थी तुझे बाँहों में भरने को ,

तेरी हया को करता कैसे यूँ ही पार मै /

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