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केंद्रीय हिंदी निदेशालय की ‘भाषा’ पत्रिका के विशेषांक हेतु आलेख आमंत्रित

केंद्रीय हिंदी निदेशालय की ‘भाषा’ पत्रिका के विशेषांक हेतु आलेख आमंत्रित केंद्रीय हिंदी निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर 18 सितंबर 2026 को द्वैमासिक पत्रिका ‘भाषा’ के आगामी विशेषांक हेतु आलेख आमंत्रण की सूचना प्रकाशित की गई है। हिंदी भाषा, साहित्य और संबंधित अकादमिक क्षेत्रों में कार्यरत अध्येताओं, शोधार्थियों और लेखकों के लिए यह सूचना उपयोगी हो सकती है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय, उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार हिंदी के विकास, शब्दकोश एवं विश्वकोश निर्माण, देवनागरी और हिंदी वर्तनी के मानकीकरण तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में हिंदी भाषा-साहित्य से जुड़े कार्यों के समन्वय सहित अनेक गतिविधियाँ संचालित करता है। इच्छुक लेखक आवेदन अथवा आलेख भेजने से पहले केंद्रीय हिंदी निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सूचना में विशेषांक का विषय, आलेख की अपेक्षित प्रकृति, शब्द-सीमा, प्रारूप, अंतिम तिथि और प्रेषण संबंधी निर्देश अवश्य जाँचें। केवल आधिकारिक सूचना को अंतिम मानें। आधिकारिक स्रोत: केंद्रीय हिंदी निदेशालय ONLINE HINDI JOURNAL www.onlinehindijournal.blogspot.com
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Conference News

 

मनमोहन’ और ‘मनमोहक’ दोनों में अंतर

  मनमोहन’ और ‘मनमोहक’ दोनों का संबंध मन को आकर्षित करने से है, लेकिन इनके प्रयोग में थोड़ा अंतर है। मनमोहन = जो मन को मोह ले । यह प्रायः व्यक्ति, ईश्वर या किसी सजीव रूप के लिए विशेषण/नाम के रूप में आता है। जैसे— श्रीकृष्ण का मनमोहन रूप , मनमोहन मुस्कान । ‘मनमोहन’ स्वयं एक प्रसिद्ध व्यक्तिनाम भी है। मनमोहक = जो मन को आकर्षित करे, बहुत सुंदर या आनंददायक लगे । इसका प्रयोग अधिक व्यापक रूप से दृश्य, वातावरण, वस्तु, प्रस्तुति, आवाज़, सौंदर्य आदि के लिए होता है। जैसे— मनमोहक दृश्य , मनमोहक संगीत , मनमोहक वातावरण । इसलिए यदि आप लिख रहे हैं— “पहाड़ों का ___ दृश्य” , तो “मनमोहक दृश्य” अधिक स्वाभाविक और मानक प्रयोग है। संक्षेप में: मनमोहन = मन को मोह लेने वाला , जबकि मनमोहक = आकर्षक, रमणीय, चित्ताकर्षक ।

Press note for conference

   प्रेस विज्ञप्ति भारतीय सिनेमा और मध्य एशिया के सांस्कृतिक संबंधों पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद सफलतापूर्वक सम्पन्न कल्याण, 19 सितंबर 2026। के. एम. अग्रवाल कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, कल्याण (पश्चिम), महाराष्ट्र के हिन्दी विभाग द्वारा सहयोगी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय अंतर्विषयी ऑनलाइन परिसंवाद ‘मध्य एशिया में भारतीय सिनेमा: इतिहास, संस्कृति और सांस्कृतिक कूटनीति’ आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। 18 और 19 सितंबर 2026 को हिन्दी तथा अंग्रेज़ी माध्यम में आयोजित इस अकादमिक कार्यक्रम ने भारतीय सिनेमा और मध्य एशियाई समाजों के बीच विकसित ऐतिहासिक, भावनात्मक और सांस्कृतिक संबंधों को गंभीर शोध-विमर्श का विषय बनाया। भारत, उज़्बेकिस्तान, श्रीलंका, अज़रबैजान तथा अन्य क्षेत्रों से जुड़े शिक्षकों, शोधकर्ताओं, अनुवादकों और संस्कृति-अध्येताओं ने इसमें भाग लिया। परिसंवाद का संयुक्त आयोजन महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय, कल्याण, इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर सेंट्रल एशियन स्टडीज़ (IICAS), समरकंद तथा ता...

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हिन्दी महोत्सव व्याख्यान : डॉ कमोला

  हिन्दी महोत्सव 2026 अंतरराष्ट्रीय विशेष व्याख्यान रिपोर्ट Hindi Mahotsav 2026 International Special Lecture Report उज़्बेकिस्तान में हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति O‘zbekistonda hindi tili va hind madaniyati Hindi Language and Indian Culture in Uzbekistan आयोजक हिन्दी विभाग, के. एम. अग्रवाल कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, कल्याण पश्चिम, महाराष्ट्र वक्ता डॉ. कमोला रहमतजानोवा, एसोसिएट प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज, उज़्बेकिस्तान दिनांक 17 सितम्बर 2026 समय प्रातः 11:00 से 12:00 बजे, भारतीय मानक समय माध्यम ऑनलाइन और YouTube Live संपूर्ण व्याख्यान https://www.youtube.com/live/lY1AQtVsCLs?si=hQ7nxPDaA9lsekoF हिन्दी रिपोर्ट उज़्बेकिस्तान में हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति के. एम. अग्रवाल कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, कल्याण पश्चिम, महाराष्ट्र के हिन्दी विभाग द्वारा आयोजित हिन्दी महोत्सव 2026 के अंतर्गत 17 सितम्बर 2026 को उज़्बेकिस्तान में हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति विषय पर अंतरराष्ट्रीय विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। ऑनलाइन माध्यम...

ACLA 2027 Call for Papers: हिन्दी साहित्य और अनुवाद शोध के लिए 22 सितंबर तक प्रस्ताव

हिन्दी साहित्य, अनुवाद अध्ययन, बहुभाषिक लेखन और प्रवासी साहित्य पर काम करने वाले शोधार्थियों एवं अध्यापकों के लिए एक समय-संवेदी अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध है। American Comparative Literature Association (ACLA) ने अपने 2027 Annual Meeting के लिए paper proposals आमंत्रित किए हैं। हिन्दी से सीधे जुड़ सकने वाला seminar “Who Appears After Translation? Authors, Artists, and Transcultural Personas” अनुवाद के बाद लेखक, कलाकार और सांस्कृतिक व्यक्तित्व की बदलती पहचान पर केंद्रित है। प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 22 सितंबर 2026 है। आयोजक संस्था और सम्मेलन American Comparative Literature Association अमेरिका की प्रमुख विद्वत् संस्था है, जो तुलनात्मक साहित्य, बहुभाषिक साहित्यिक अध्ययन और विभिन्न संस्कृतियों के पार होने वाले साहित्यिक संवाद को प्रोत्साहित करती है। ACLA 2027 Annual Meeting का प्रत्यक्ष सम्मेलन 20–23 मई 2027 को University of Houston, अमेरिका में आयोजित होगा। सम्मेलन का अलग ऑनलाइन भाग 15–16 मई 2027 को होगा, लेकिन यहाँ वर्णित “Who Appears After Translation?” seminar को आधिकारि...