Showing posts with label पहला प्यार. Show all posts
Showing posts with label पहला प्यार. Show all posts

Tuesday, 24 January 2012

पहला प्यार

 पहला प्यार पहला प्यार होता है । 
 आखिर यह जब भी होता है,
 पहला ही होता है ।


शायद यही कारण है कि
यह इतना आकर्षक और मोहक होता है । 
शाश्वत भी यह , 
इसी कारण होता है ।  


नव पर नव की अभिलाषा,
प्यार में ही संभव है । 
आगे बढ़ना ही,प्यार है । 
 नया ही प्यार है ।  


पहला प्यार ,
दरअसल भ्रम है 
प्यार हमेशा ही , 
 पहला ही होता है । 

राष्ट्रीय जागरण और स्वामी विवेकानंद: भारतीय आत्मबोध, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्र-निर्माण का विमर्श डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा

  राष्ट्रीय जागरण और स्वामी विवेकानंद: भारतीय आत्मबोध, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्र-निर्माण का विमर्श डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा एसोसिएट ...

Popular Posts