Showing posts with label जब मेरे पास. Show all posts
Showing posts with label जब मेरे पास. Show all posts

Monday, 8 April 2013

जब मेरे पास,मेरा क़ातिल नहीं होगा

इसतरह  तो कुछ, हासिल नहीं होगा
जब मेरे पास,मेरा क़ातिल नहीं होगा ।

डूब कर जाऊँ भी तो, कहाँ जाऊँ
जब जिक्र में, कोई साहिल नहीं होगा ।



उज़्बेक साहित्य में स्त्री लेखन : प्रमुख साहित्यकारों की सूची

  उज़्बेक साहित्य में स्त्री लेखन : प्रमुख साहित्यकारों की सूची नोट: नीचे दी गई सूची में आपके साझा हिंदी संकलन में उल्लिखित साहित्यकारों के ...

Popular Posts