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Thursday, 4 February 2010

लाली चाहिए ऊषा की ./abhilasha

मेरी गहरी उदासी को,
लाली चाहिए ऊषा की .
राह में केवल प्राची के,
मेरा तो है ध्यान प्रिये . 

नया सवेरा आएगा,
इसका है विश्वाश मुझे.
छट जायेगा घोर अँधेरा,
पल-दो-पल की बात प्रिये . 
  
                ---------अभिलाषा  

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