Showing posts with label विचार. Show all posts
Showing posts with label विचार. Show all posts

Tuesday, 12 May 2009

अभिव्यक्ति की विवेचनाएँ

अभिव्यक्ति की विवेचनाएँ --------- साहित्य
सन्दर्भ की व्याख्याएं --------- समाचार पत्र
हितों का विरोधाभास --------- समाज
सत्य का मिथ्याभास --------- सामाजिकता
व्यक्ति की असमर्थतायें --------- वासनाएं
समाज की विवसतायें --------- भ्रस्टाचार
देश की गतिशीलता --------- चमत्कार
स्वार्थ का हितोपदेश --------- राजनीति
patan ki पराकास्ठा --------- राजनेता
सच्चाई की अनुभूति --------- सपना
सच्चाई की जीत --------- माँ की प्रीती

जाता हुआ साल

  जाता हुआ साल किसी पुराने कैलेंडर की तरह दीवार से उतर रहा है और कीलों पर हमारी उम्मीदें टँगी रह जाती हैं।  नया वर्ष आ गया है पर तुम मेंरे ग...