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Tuesday, 31 December 2013

नए साल से कह दो कि



मेरी ज़िंदगी में,
आने वाले हर,
नए साल से कह दो कि-

वह बिलकुल तुम्हारी तरह हो 
शोख, चंचल और मासूम 
इतनी मुलायम और मख़मली,
जितना कि प्यार का हर सपना 
और इतनी गर्म भी ,
जितनी कि ज़िंदगी की सांसें

नए साल का रिश्ता,
उम्मीदों से वैसा ही हो,
जैसा कि हम दोनों का सालों से है

नए साल की हर आहट,
तेरे कदमों की आहट सी हो
नए साल में सुलझाना हर उलझन का ,
आसान हो उतना ही जितना कि -
तेरी रेशमी ज़ुल्फों का सवर जाना

तेरी आँखों में बसे हर मासूम सपने की तरह,
दुनिया बनती रहे
सजती रहे
सवरती रहे

आने वाला हर नया साल ,
तुम्हारी तरह प्यार से भरा हो
तुम्हारी तरह ही खास हो

तुम्हारी तरह ही मुस्कुराता हुआ ,
ज़िंदगी को ज़िंदादिली से जीने का,
ख़ूबसूरत पैगाम हो ।

Friday, 30 December 2011

नए साल से कह दो कि











नए साल से कह दो कि-
वह बिलकुल तुम्हारी तरह हो ।
शोख, चंचल और मासूम ।
इतनी मुलायम और मख़मली,
जितना कि प्यार का हर सपना ।
और इतनी गर्म भी ,
जितनी की ज़िंदगी की सांसें ।

नए साल का रिश्ता उम्मीदों से वैसा ही हो,
जैसा कि हम दोनों का सालों से है।
नए साल की हर आहट,
तेरे कदमों की आहट सी हो ।

नए साल में सुलझना हर उलझन का ,
आसान हो उतना ही जितना कि -
तेरी रेशमी ज़ुल्फों का सवर जाना ।
तेरी आँखों में बसे हर मासूम सपने की तरह,
दुनिया बनती रहे ।
सजती रहे ।
सवरती रहे ।

काश कि आने वाला यह नया साल ,
तुम्हारी तरह प्यार से भरा हो ।
तुम्हारी तरह ही  खास हो ।
तुम्हारी तरह ही मुस्कुराता हुआ ,
ज़िंदगी को ज़िंदादिली से जिने का,
ख़ूबसूरत पैगाम हो ।
   

CHAPTER 3 The Language Question: Tajik, Uzbek, Mughat In-Group Speech, and the Secret Lexicon From the proposed monograph: The Lyuli (Mughat) of Uzbekistan: Language, Ritual, Memory and the Search for South Asian Connections Dr. Manish Kumar C. Mishra

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