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दिसंबर, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पति पत्नी का रिश्ता हो मिनट का पल का या हो दिन महीने साल का

पति पत्नी का रिश्ता हो मिनट का पल का या हो दिन महीने साल का मिटा सके ये इतना बस नहीं है काल का ; शिव की भभूती औ  माता का सिंदूर भरा था औ भाव अटूट प्यार का तब मांग भरी थी तेरी मैंने इश्वर स्वयम गवाह था , कैसे भूलूं वो घड़ियाँ मैं आंसूं से सींचा था रिश्ता प्यार का , झूठ कहे या भूले तू पर ये रिश्ता मेरे हर जनम हर सांस का ; भाव से बड़कर क्या दुनिया में प्यार से अच्छा क्या इन्सा में सही गलत उंच नीच का फैसला कोई कैसे करे है है मोहब्बत खुदा का जज्बा उसे बुरा कैसे कहे है / राधा कृष्ण भजते सभी हैं द्रौपदी को कहते सती हैं   रीती में उलझे है क्यूँकर प्रीती बिन जीना हो क्यूँ कर प्यार से बड़कर पूजा नहीं कोई इस जगत इस संसार में क्यूँ झिझक कैसी ये दुविधा क्या मैं नहीं तेरे दिल की छाँव में सरल नहीं  है राह  प्रीती की पर सरल कहाँ जीना संसार में क्यूँ हो अब तक तू उलझी क्या कमी रही मेरे  प्यार में ; प्यार को रब समझा और तुझको जिंदगी मेरे जीने का उद्देश्य तू ही है तेरी करूँ मै बंदगी / नाम ले मेरा या पति कह ले या कुछ भी कह के पुकार ले मेरा जीवन तेरा साँसे तेर...

दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी                     शहरीकरण का प्रभाव - इस विषय पर  दिनांक-२४-२५ जनवरी को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित क़ी जा रही है. इस  संगोष्ठी में देश भर से  करीब  ३०० विद्वान शामिल होंगे. यदि आप इसमें भाग लेना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें .

डॉ.विद्या बिंदु सिंह क़ी कहानी -हड़ताल

डॉ.विद्या बिंदु सिंह क़ी कहानी -हड़ताल

कुछ तो कहो, कुछ तो लिखो ;

कुछ तो कहो, कुछ तो लिखो ; सजाई है जब एक महफ़िल , महफ़िल में कभी तो खिलो ; क्यूँ चुप हो ,क्या बात है, क्यूँ मुद्दे नहीं मिलते ; जीवन का हर पल एक बात है ,क्यूँ बात नहीं करते ; चुप रहने से कुछ हासिल नहीं होता , बिना अपनी बात कहे, समाज के बदलाव में शामिल नहीं होता ; गर चीजें बदलनी है बेहतरी के लिए , खुल के कहो बात अपनी ,देश की तरक्की के लिए

फ्रेंच भाषा भी खूब है पर मुझसे कितनी दूर है

जिंदगी गुजर रही अब नए आशियाने में , सीख रहे हर पल कुछ नया जिंदगी नए पैमाने में  सोना वही है जागना वही है पर साथ नए अनजाने है दूर देश में बैठे हम आये यहाँ कमाने हैं / फ्रेंच भाषा भी खूब है पर मुझसे कितनी दूर है  भरमाती है तड़पाती है  है और बड़ा तरसाती है , भागा पीछे वो आगे भागे अलसाया तो वो मुस्काए  नजर मिलाये पास बुलाये नित नए वो ठौर दिखाए  फ्रेंच भाषा भी खूब है पर कितनी दूर है 

NET or SLET mandatory for appointment of lecturers

Observing that “the courts should not venture into academic arena which is best suited for academician and experts”, the Delhi High Court has upheld the mandatory requirement of clearing the National Eligibility Test (NET) or the State Level Eligibility Test (SLET) for appointment to the post of lecturer. The University Grants Commission had framed this rule called Regulations-2009 in July last year. However, those who have secured a Ph.D. degree in compliance with the UGC Regulations-2009 (Minimum Standards and Procedure for award of Ph.D.) are exempted from this rule. The judgment by a Division Bench of the Court comprising Justice Dipak Misra and Justice Manmohan came on a petition by the All India Researchers' Co-ordination Committee challenging the Constitutional validity of fixing the minimum eligibility requirement for appointment as a lecturer. Counsel for the petitioner, Amit Kumar, had challenged the rule mainly on the ground that the UGC had framed it on a direction by t...

भारतीय लोक साहित्य पर रास्ट्रीय संगोष्ठी

भारतीय लोक साहित्य पर रास्ट्रीय संगोष्ठी ;                                   दिनांक २७-२८ जनवरी २०११ को फरुखाबाद में दो दिवसीय रास्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित क़ी जा रही है. संगोष्ठी का विषय है लोक साहित्य .  आप सभी इसमें  आमंत्रित हैं.

हिंदी विवेक

  हिंदुस्थान प्रकाशन संस्था के अंतर्गत चलनेवाले उपक्रम   हिंदी विवेक मुख्य कार्यालय : ५/१२, कामत इंडस्ट्रीयल इस्टेट, ३९६ स्वा. वीर सावरकर मार्ग, प्रभादेवी, मुंबई - ४०००२५. दूरध्वनी : ०२२-२४२२१४४०, २४२२५६३९, फॅक्स : ०२२-२४३६३७५६. प्रशासकीय कार्यालय : हिंदुस्थान प्रकाशन संस्था, विवेक भवन (कृष्णा रिजेन्सी), १२ वा मजला, प्लॉट क्र. ४०, सेक्टर क्र. ३०, सानपाडा (प), नवी मुंबई - ४००७०५. दूरध्वनी : ०२२-२७८१०२३५/३६, फॅक्स : ०२२-२७८१०२३७. विभागीय कार्यालय : पुणे : वीरेंद्र हाईट्स, तिसरा मजला, ५५७, सदाशिव पेठ, लक्ष्मी रोड, पुणे - ३०. दूरध्वनी : २४४८१३९२. देवगिरी : राज हाईट्स, पहिला मजला, सी-विंग, फ्लॅट क्र. १०१, एम.जी.एम. हॉस्पिटल समोर, सेवन हिल्स, संभाजीनगर, (औरंगाबाद), दूरध्वनी : ०२४०-२४८७७११. रत्नागिरी : कापडी एनक्लेव, बी-४, दुसरा मजला, गयालवाडी गेट जवळ, रत्नागिरी-कोल्हापुर रोड, खेडशी, ता.जि. रत्नागिरी - ४१५६३६. गोवा : पालमर प्रिमायसेस कॉ-ऑप सोसायटी, शॉप क्र. जी एस-१५, पत्रकार कॉलनी, जीएचबी, कमर्शियल कम रेसिडन्स कॉम्प्लेक्स, अल्तो-पर्वरी, बारदेश, गोवा - ४०...

निस्पृह शिक्षाव्रती डा. आर. बी. सिंह-उमेश सिंह

देश के समग्र विकास के लिए नागरिकों का शिक्षित होना परमावश्यक है। इसी बात को ध्यान में रखकर प्राय: सभी चिन्तकों, सामाजिक सुधारकों और शिक्षाविदों ने शिक्षा को सर्वोपरि स्थान दिया है। यह बात अलग है कि अनेक प्रकार के सरकारी और निजी स्तर पर किए गए शिक्षा सुधार के कार्यों के बावजूद आज भी देश की जनता का एक बडा भाग निरक्षर है। शहरों से दूर ग्रामीण भागों में विद्यालयों का अभाव है। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों की व्यवस्था और रखरखाव ही नहीं, वहां पर दी जाने वाली शिक्षा का स्तर भी ठीक नहीं है। दुर्दैव से शिक्षा के लिए सरकारी बजट में बहुत कम धन आवंटित किया जाता है। सरकारी स्तर पर शिक्षा के प्रति उदासीनता सर्व विदित है। ऐसे अनेक शिक्षा सेवियों और समाज के समृद्धजनों के प्रयास से अनेक शिक्षा संस्थाओं की स्थापना की गयी है। जिनके माध्यम से शहरी और ग्रामीण बच्चों और युवकों को शिक्षा का लाभ मिल रहा है। इन शिक्षासेवी महानुभावों ने समाजसेवा का जो मार्ग चुना है वह किसी भी अन्य कार्य से अधिक महत्त्वपूर्ण है। ऐसे ही समाजसेवी और नि:स्पृह शिक्षाव्रती हैं कल्याण के डा. आर. बी. सिंह उन्हें स्नेह से ...

नया शहर नया बसेरा है /

यादों  की महफ़िल है काम का है दौर , जीवन की प्रक्रिया का बदलना है ठौर ; नए लोंगों से मुलाकाते हैं कुछ पुरानी कुछ नयी बातें हैं  कुछ लम्हे गुनगुनाते हैं कुछ पल मुस्कुराते हैं नयी सुबहे औ नया सबेरा है नया शहर नया बसेरा है /

Financial Support FROM U.G.C. FOR RESEARCH WORK

Tenth Plan Guidelines Financial Support Research Funding Council for Major and Minor Research Projects during the Tenth Plan Period Eligibility: Teachers (including retired up to 70 years) of Universities / Colleges under Section 2(f) and 12 B Purpose: For research Amount Ceilings: Rs. 12 / 10 lakh for major & Rs. 1 lakh for minor projects See guideline details. Annexures Format for Submission of Proposal for Major Research Project Format for Submission of Proposal for Minor Research Project Annual/Final Report Utilization Certificate Statement of Expenditure in respect of Major/Minor Research Project Statement of Expenditure incurred on Field Work Major Research Project Copy of the Specimen of House Rent for Research Associate/Project Associate Acceptance Certificate for Research Project Proforma for Submission of Information at the Time of Sending the Final Repor...

हमारा लोक-साहित्य: लावनी -डा नवीनचंद्र लोहानी

हमारा लोक-साहित्य: लावनी -डा नवीनचंद्र लोहानी लोक-साहित्य में लोक-गीतों का विशिष्ट स्थान है। लोक-गीत परंपरा प्रवाही और लिखित दो रूपों में मिलती हैं। लिखित लोक-गीतों को लावनी कहा गया। लावनी का संबंध जातियों, वर्गों और अनेक भाषाओं से रहा है। लोक-साहित्य के अंतर्गत यह एक पृथक विधा है जिसकी विशेषता भावुकतापूर्ण, भावात्मक एवं लयात्मक उद्गार है। भारत के अनेक नगरों, कस्बों एवं ग्रामों में इसका प्रचलन रहा है। धार्मिक, सामाजिक एवं नैतिक पथ प्रदर्शक के रूप में इसकी ...

देखो क्या बनती है नयी कहानी

नयी राह चली है नयी मंजिल पानी , जीवन की है नयी रवानी , क्या पाया क्या खोया अब तक बात रही सब वो बेमानी नयी राह चली है नयी मंजिल पानी गाँव हैं छोड़ा देश है छोड़ा नया भेष है नया है डेरा लोग नए हैं भाषा न्यारी पर लगती है वो बोली प्यारी नयी राह चली है नयी मजिल पानी देखो क्या बनती है नयी कहानी   

NATIONAL SEMINAR

कुछ सही होगा,कुछ तो गलत होगा

कुछ सही होगा,कुछ  तो गलत होगा  पूरा इसी तरह ,मुकम्मल हिसाब होगा  

डॉ.विद्या बिंदु सिंह के हाइकू