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Sunday, 6 May 2012

सिर्फ हँगामा खड़ा करना




सिर्फ हँगामा खड़ा करना भी, अब मेरे बूते का नहीं 


आम आदमी हूँ इस देश का, मेरे साथ कोई भी नहीं ।


चिरोयली कहानी

 चिरोयली        मैं ताशकंद, उज़्बेकिस्तान में सन 2024 की फ़रवरी के पहले सप्ताह में पहुंचा था, ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी के विजिटिंग प्रोफ़ेसर ...