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Sunday, 6 May 2012

सिर्फ हँगामा खड़ा करना




सिर्फ हँगामा खड़ा करना भी, अब मेरे बूते का नहीं 


आम आदमी हूँ इस देश का, मेरे साथ कोई भी नहीं ।


हिन्दी : पक्ष – प्रतिपक्ष

            हिं दी के पक्ष में जिस भावुकता के साथ तर्क रखे जाते हैं उन्होंने हिंदी का कोई भला नहीं किया अपितु नुकसान ही अधिक हुआ । हिंदी की ...