Showing posts with label हिंदी शायरी .उम्मीद. Show all posts
Showing posts with label हिंदी शायरी .उम्मीद. Show all posts

Thursday, 8 April 2010

उम्मीदे वफ़ा है की तू मिल जाये

उम्मीदे वफ़ा है की तू मिल जाये ,

यादों का फलसफा है की तू मिल जाये ;

.

.

वर्षों का इंतजार लाजमी है की निराशा छाये ;

मेरे जनाजे को यकीं है तू मिल जाये /

.

.

अमरकांत जन्मशती पर के एम अग्रवाल महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न ।

अमरकांत जन्मशती पर   के एम अग्रवाल महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न ।   कल्याण (पश्चिम) स्थित के. एम. अग्रवाल महाविद्...