नया साल जब आता है , याद तुम्हारी लाता है . तेरे मेरे सपनो का , खंडहर मुझे दिखाता है . नया साल --------------------------------------- ना जाने तेरी कितनी , बातें याद दिलाता है . वक्त की शाखों से टूटे, पत्तो सा बिखराता है . नया साल ------------------------------------------- अपने सपनो की टूटन को, हर आहट में दिखलाता है . अपनी हर छुअन को, यादो में सहलाता है . नया साल ------------------------------- आ जाओगी शायद फिर तुम, एहसास यही दे जाता है . मीठे-मीठे सपनो को , मेरे पास सुलाता है . नया साल ---------------------------------- तेरे बाद उदास पड़े, बिस्तर को सहलाता है . उदास इसकी सलवटों में , मेरी हंसी उड़ाता है . नया साल जब -------------------------------- happy new year -2010
हिन्दी साहित्य, भाषा-विज्ञान, समाज-विज्ञान, भारतीय संस्कृति और सिनेमा पर प्रामाणिक शोधपरक आलेख। संपादक: डॉ. मनीष कुमार मिश्रा।