वर्तमान में सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय , पुणे , महाराष्ट्र के हिंदी विभाग में प्राध्यापिका के रूप में कार्यरत डॉ. शशिकला राय हिंदी महिला लेखिकाओं की उस परिपाटी से आती हैं जिनमें नीलम कुलश्रेष्ठ , रजनी गुप्त , अनीता भारती , गरिमा श्रीवास्तव , हेमलता , कंचन शर्मा और शरद सिंह जैसी लेखिकाओं के नाम लिए जा सकते हैं । आप मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अंतर्गत आनेवाले सिरवां गाँव से हैं । आप की अबतक प्रकाशित पुस्तकों में समय के साक्षी निराला , इस्पात में ढलती स्त्री , कथासमय : सृजन और विमर्श तथा ज़िंदा कहानियाँ प्रमुख हैं । हिंदी की प्रमुख पत्र – पत्रिकाओं में आप लगातार छपती रहती हैं । वर्ष 2015 से वर्ष 2017 तक आप विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( UGC) की तरफ से रिसर्च अवार्डी ( R.A.) के रूप में जयपुर विश्वविद्यालय , राजस्थान में कार्यरत रहीं । ...
हिन्दी साहित्य, भाषा-विज्ञान, समाज-विज्ञान, भारतीय संस्कृति और सिनेमा पर प्रामाणिक शोधपरक आलेख। संपादक: डॉ. मनीष कुमार मिश्रा।