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फ़रवरी, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

praveen bajpayee -kamgaar patrkarita puraskar 2011

आप को जान कर ख़ुशी होगी की  मजदूर मसीहा -प्रवीण बाजपयी  को कामगार  पत्रकारिता पुरस्कार २०११ से सम्मानित किया जा रहा है .                                         बुधवार दिनांक ०२ मार्च २०११ की शाम ७.३० बजे से कल्याण पश्चिम स्थित लक्ष्मण देवराम सोनवाने महाविद्यालय के प्रांगण में  स्नेह मिलन सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है. इस अवसर पर कई विद्वानों को सम्मानित किया जायेगा .   भाई प्रवीण बाजपाई को उनके पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जायेगा . तरह .       जब प्रवीन भाई कल्याण में रहते थे तो  उनका घर ही मेरा घर था , भाभी से माँ तुल्य प्रेम और स्नेह मिलता था . लेकिन कतिपय व्यक्तिगत कारणों  से प्रवीण भाई को  परेल  रहने के लिए जाना पड़ा . मैं भी अपने  शोध कार्य और  फिर नौकरी में  ऐसा उलझा कि अब फ़ोन पे ही दुआ-सलाम हो पाता  है .     लेकिन इन  द...

डॉ.शीतला प्रसाद दुबे जी का सम्मान

  बुधवार दिनांक ०२ मार्च २०११ की शाम ७.३० बजे से कल्याण पश्चिम स्थित लक्ष्मण देवराम सोनवाने महाविद्यालय के प्रांगण में  स्नेह मिलन सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है. इस अवसर पर कई विद्वानों को सम्मानित किया जायेगा .               डॉ. शीतला प्रसाद दुबे जी का भी सम्मान इस अवसर पर किया जाएगा .  हाल ही में हिंदी अध्ययन मंडल , मुंबई विश्विद्यालय के अध्यक्ष के रूप में  के.सी.कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शीतला प्रसाद दुबे जी की  नियुक्ति हुई है. आप विगत कई वर्षों से अध्यापन कार्य से जुड़े हुवे हैं. आप पीच.ड़ी के गाईड भी हैं. कई विद्यार्थी आप के मार्ग  दर्शन में अपना शोध कार्य सफलता पूर्वक पूरा कर चुके हैं.           आप का सम्मान करते हुवे संस्था गौरवान्वित है.  अध्ययन-अध्यापन से जुड़े लोगों का सम्मान हमारी संस्था हमेशा से ही करती आ रही है.         

क्योंकि अब भी तेरा ही सामान हूँ ./

अजीब सी आदत से परेशान हूँ  तुम्हे  सोच -सोचकर  हैरान  हूँ  जो था,वो सब कुछ तुम्हे दे दिया, अब बाजार क़ी एक बंद दुकान हूँ . अब भी बहुत याद आती हो तुम, सोचो  तो , कितना   नादान    हूँ .  अकेला हूँ, आज इस  वलेंटाइन  डे पर , क्योंकि अब  भी   तेरा  ही    सामान हूँ .

जब खुद के ही कातिल हो गए /Saint Valentine's Day

              जब खुद के  ही कातिल हो गए             मकाम सारे मुझे हासिल हो गए         तू  सबसे   हसीन    सपना   था  मेरा         अफ़सोस! दुनियादारी  में  गाफिल  हो गए  तेरा  प्यार  था  स्नेह  के   समंदर जैसा     तेरे  बाद  तो  रेतीला  साहिल  हो गए  तेरी  बातें , तेरी  जुल्फें ,तेरी   यादें  सनम  इनमे  इतना   उलझे  क़ी   जाहि ल  हो गए    आज  फिर  जब  वलेंटाइन  डे  है    हम  तेरी  यादों  से  बोझिल  हो गए .   -- 

मोहब्बत में हम भी इंसान हो गए.

किसी  पत्रिका में पढ़ा हुआ  मोहब्बत पर एक शेर आप सभी के लिए     सारे पेचीदा मसले आसान हो गए , मोहब्बत में हम भी इंसान हो गए.                                 

या हम ही ठिकाने लग जाएँ

हाल ही  में भाई नदीम सिद्दीकी जी से मुंबई में एक कवि सम्मेलन में मुलाकात हुई. उनका एक शेर वेलेंटाइन  डे क़ी पूर्व संध्या  पर बड़ा कारगर  लगा.    तेरा इन्तजार करेंगे, चाहे ज़माने लग जाएँ   या तो तू आ जाए,या हम ही ठिकाने लग जाएँ . 

आज डॉ. निरूपम बाजपई से मिलने पर

 आज डॉ. निरूपम बाजपई  से  मिलने  पर बहुत संतोष और ख़ुशी का अनुभव हुआ . संतोष इस बात का क़ी भारत में ऐसी प्रतिभाएं है जो इस देश का मस्तक हमेशा ऊँचा रखने क़ी ताकत रखते हैं और ख़ुशी इस बात क़ी क़ि मुझ जैसे मामूली व्यक्ति को इतनी सहजता और अपनेपन से डॉ. निरूपम जी से मिलने का अवसर मिला.                      डॉ. निरूपम जी किसी कार्य से आज कर्जत आये हुवे थे, श्रीमती बिरला के साथ किसी समाजसेवी कार्य में सहभागी होने. वापसी में वे अपने कल्याण  स्थित रिश्तेदार के यंहा दोपहर के भोजन के लिए आये. उनके ये रिश्तेदार कल्याण शहर के प्रसिद्ध उद्योगपति  एवम समाजसेवी श्री  कृष्णलाल मिश्रा जी थे. उनके बड़े बेटे श्री आशीष मिश्रा मेरे प्रिय मित्रों में हैं. उन्ही के मध्यम से डॉ. निरूपम जी के  आगमन क़ि खबर मिली.                    फिर क्या था, आनन्-फानन में महाविद्यालय में एक संगोष्ठी का प्रस्ताव पारित करा कर, आमंत्रण पत्र और एक गुलदस्ता लेकर मैं निरूपम जी के पास...

हिंदी ब्लागिंग संगोष्ठी में आने वाले संभावित मेहमान

               २०-२१  जनवरी २०१२ को हिंदी ब्लागिंग :स्वरूप,व्याप्ति और संभावनाएं इस विषय पर  प्रस्तावित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में जो मेहमान  आ सकते  हैं , उनकी पहली सूची इस प्रकार है   डॉ. नामवर सिंह   डॉ. अशोक चक्रधर   पद्मश्री डॉ. निरूपम  बाजपई डॉ.विद्या बिंदु सिंह   डॉ. राम जी तिवारी   डॉ. अशोक मिश्रा   श्री  अविनाश  वाचस्पति   श्री प्रमोद ताम्बट  डॉ. सतीश पाण्डेय   डॉ. संजीव दुबे   डॉ. शीतला प्रसाद दुबे   डॉ. अनिल सिंह   डॉ. एम्.पी.सिंह   डॉ. ईश्वर पवार   डॉ. मिथलेश अवस्थी   डॉ. विजय अवस्थी   डॉ. अनिता श्रीवास्तव   डॉ. श्याम सुंदर पाण्डेय   डॉ. ऋषि कुमार मिश्रा   डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा   श्री मानव मिश्रा   श्री आशीष मोहता    डॉ. आर. एन. त्रिपाठी   डॉ. ...

आलेख लिखने के लिए उप विषय

हाल ही में जो पोस्ट मैंने प्रस्तावित  ब्लागिंग संगोष्ठी के सन्दर्भ में लिखी थी ,उसी सम्बन्ध में कई लोगों ने आलेख लिखने के लिए   उप विषय मांगे .मूल विषय है-'' हिंदी ब्लागिंग: स्वरूप,व्याप्ति और संभावनाएं ''  आप इस  मूल विषय से  जुड़कर अपनी  सुविधा के अनुसार उप विषय चुन सकते हैं  जैसे क़ि ----------------  १- हिंदी ब्लागिंग का इतिहास   २- हिंदी ब्लागिंग का प्रारंभिक स्वरूप   ३- हिंदी ब्लागिंग  और तकनीकी समस्याएँ   ४-हिंदी ब्लागिंग  और हिंदी साहित्य   ५-हिंदी के प्रचार -प्रसार में हिंदी ब्लागिंग का योगदान   ६-हिंदी अध्ययन -अध्यापन में ब्लागिंग क़ी उपयोगिता   ७- हिंदी टंकण : समस्याएँ और निराकरण   ८-हिंदी ब्लागिंग का अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य    ९-हिंदी के साहित्यिक ब्लॉग   १०-विज्ञानं और प्रोद्योगिकी से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग   ११- स्त्री विमर्श से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग   १२-आदिवासी विमर्श से सम्बंधित हिंदी ब्लॉग   १३-दलित विमर्श से ...

हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' -दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

प्रिय हिंदी ब्लॉगर बंधुओं ,            आप को सूचित करते हुवे हर्ष हो रहा है क़ि आगामी शैक्षणिक वर्ष २०११-२०१२ के जनवरी माह में २०-२१ जनवरी (शुक्रवार -शनिवार ) को ''हिंदी ब्लागिंग  : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं ''  इस विषय पर दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है.  विश्विद्यालय अनुदान आयोग     द्वारा  इस संगोष्ठी को संपोषित  किया जा सके इस सन्दर्भ में  औपचारिकतायें पूरी की जा रही हैं. के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजन की जिम्मेदारी ली गयी है. महाविद्यालय के प्रबन्धन समिति ने संभावित संगोष्ठी के पूरे खर्च को उठाने की जिम्मेदारी ली है. यदि किसी कारणवश कतिपय संस्थानों से आर्थिक मदद नहीं मिल पाई तो भी यह आयोजन महाविद्यालय अपने खर्च पर करेगा.                संगोष्ठी की तारीख भी निश्चित हो गई है (२०-२१ जनवरी २०१२ )  संगोष्ठी में अभी पूरे साल भर का समय है ,लेकिन आप लोगों ...

national seminar on blogging