अगर जिन्दा रह्ने के पीछे
कोई सही तर्क नही है तो राम नामी बेच कर
या रंडियो की दलाली कर के
जिन्दा रह्ने मे
कोई फ़र्क नहीं है।
धुमिल- मोचीरम
जाने क्यों तुझे मैंने फिर पुकारा नहीं, मुश्किल ये कि तेरे बिन गुज़ारा नहीं। सफ़र लंबा है अभी बड़ी दूर जाना है अब किसे आवाज़ दूँ कोई सहारा न...