Showing posts with label bhasha. Show all posts
Showing posts with label bhasha. Show all posts

Friday, 10 December 2010

फ्रेंच भाषा भी खूब है पर मुझसे कितनी दूर है

जिंदगी गुजर रही अब नए आशियाने में ,
सीख रहे हर पल कुछ नया जिंदगी नए पैमाने में 
सोना वही है जागना वही है पर साथ नए अनजाने है
दूर देश में बैठे हम आये यहाँ कमाने हैं /


फ्रेंच भाषा भी खूब है पर मुझसे कितनी दूर है 
भरमाती है तड़पाती है  है और बड़ा तरसाती है ,
भागा पीछे वो आगे भागे अलसाया तो वो मुस्काए 
नजर मिलाये पास बुलाये नित नए वो ठौर दिखाए 

फ्रेंच भाषा भी खूब है पर कितनी दूर है 

भारतीय नारीवाद की अवधारणा: इतिहास, सामाजिक संरचना और समकालीन संदर्भ

  भारतीय नारीवाद की अवधारणा: इतिहास, सामाजिक संरचना और समकालीन संदर्भ Concept of Indian Feminism: History, Social Structure and Contemporary...

Popular Posts