छोड़ो भी कि अब, मैं ऊब सा गया हूँ
तुम्हें मनाने में ख़ुद से रूठ सा गया हूँ ।
तुम्हें मनाने में ख़ुद से रूठ सा गया हूँ ।
ह्यूम की चुनौती ने दर्शन को हमेशा के लिए कैसे बदल दिया कारणता के संकट से कांट की ज्ञान-क्रांति तक प्रस्तावना मानव-बुद्धि संसार को केवल घटन...