सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

holi लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आशा भरी पिचकारी थामे ,घुमू तेरे द्वार प्रिये ,

छुं लूँ मन के भाव तेरे ,रंगू रक्तिम गाल तेरे , आशा भरी पिचकारी थामे ,घुमू तेरे द्वार प्रिये , फागुन के मौसम में मन कब थमता है , जीवन तेरी अभिलाषा में रमता है ; डालूँगा रंग कपड़ों पे तेरे , शायद दिल तेरा रंग जाय प्रिये , आशा भरी पिचकारी थामे ,घुमू तेरे द्वार प्रिये , चंचल मन है ,बहकी चितवन है , उसपे होली का त्यौहार प्रिये , मन को भावों से रंगुंगा ,तन को अहसासों से रंगुंगा , लाल ,हरा, पीला, नीला कितना प्यारा प्यार प्रिये , आशा भरी पिचकारी थामे ,घुमू तेरे द्वार प्रिये ,