
जीवन की सारी तन्हाई ,
खो कर तुझमे ही बिसराई ।
तुझसे पहले तेरे बाद ,
हर हाल मे तेरा ध्यान प्रिये ।


मेरी अन्तिम साँस की बेला ,हिं दी के पक्ष में जिस भावुकता के साथ तर्क रखे जाते हैं उन्होंने हिंदी का कोई भला नहीं किया अपितु नुकसान ही अधिक हुआ । हिंदी की ...