
तेरी तस्वीर कितना बोलती है ।
लहराती हुई खुली जुल्फों से ,
तू पास दिल को खीच लेती है ।
मुस्कुराते लबों से अपने ,
तू बातों में शहद घोल देती है ।
"सनातन" शब्द का प्रयोग बहुत प्राचीन है और यह संस्कृत साहित्य में कई ग्रंथों में मिलता है। लेकिन अगर हम इसकी पहली उपस्थिति की बात क...
Beautiful photo..
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