Showing posts with label अभिलाषा .हिन्दी कविता. Show all posts
Showing posts with label अभिलाषा .हिन्दी कविता. Show all posts

Sunday, 9 August 2009

अभिलाषा-2


तू जीवन सरिता का सरगम

संस्कृति का सोपान है तू ।

सारी सृष्टि समाहित तुझमे ,

धरा का तू आधार प्रिये ।


-अभिलाषा

बुखारेस्ट में संपन्न क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन

बुखारेस्ट में संपन्न क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन  बुखारेस्ट, रोमानिया | 28–29 जनवरी रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट स्थित रोमानियन–अमेरिकन यूनिवर्...