किसी पूजा के बाद
हिस्से में आता है
जितना
ईश्वर का प्रसाद
उतना ही
मेरे हिस्से में
तुम आयी ।
और उतने में ही
मुझे मिल गया
जीवन जीने का विश्वास ।
हिन्दी साहित्य में मिथकों की उपस्थिति का समाजशास्त्रीय और वैज्ञानिक अध्ययन शोध-आलेख डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा एसोसिएट प्रोफेसर, हिन्दी विभ...