किसी पूजा के बाद
हिस्से में आता है
जितना
ईश्वर का प्रसाद
उतना ही
मेरे हिस्से में
तुम आयी ।
और उतने में ही
मुझे मिल गया
जीवन जीने का विश्वास ।
प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष डॉ. चमन लाल शर्मा प्रोफेसर ' हिन्दी ' शासकीय कला एवं विज्ञान स्नातकोत्तर महावि...