झूठी तारीफों से मान जाते हैं
सच बोलूँ तो खफा होते हैं ।
मिलने का तो ऐसा है कि,
खयालो में हर रोज आते हैं ।
न पूछो तुम जुदाई का सबब,
BADEE TANHA BADEE BECHAIN RAATAY HAIN .
YOON TO MUJHSAY BAHUT DOOR HAI PAR,
USI KO SABSAY KAREEB PAATAY HAIN .
AAP JISAY KAHTAY HAIN GAZAL,
VO TO DARD SAY RISHTAY-NAATAY HAIN .
Thursday, 16 April 2009
न पूछो तुम जुदाई का सबब --------------------------
Labels:
हिन्दी कविता hindi पोएट्री,
हिन्दी ग़ज़ल .
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Most trending searches in the world
The most searched topics in the world change hour by hour, but based on the latest Google Trends and global search activity, these are amo...
Popular Posts
-
***औरत का नंगा जिस्म ********************* शायद ही कोई इस दुनिया में हो , जिसे औरत का जिस्म आकर्षित न करता हो . अगर सारे आवरण हटा क...
-
जी हाँ ! मैं वृक्ष हूँ। वही वृक्ष , जिसके विषय में पद््मपुराण यह कहता है कि - जो मनुष्य सड़क के किनारे तथा...
-
Factbook on Global Sexual Exploitation India Trafficking As of February 1998, there were 200 Bangladeshi children and women a...
-
अमरकांत की कहानी -जिन्दगी और जोक : 'जिंदगी और जोक` रजुआ नाम एक भिखमंगे व्यक्ति की कहानी है। जिसे लेखक ने मुहल्ले में आते-ज...
-
अनेकता मे एकता : भारत के विशेष सन्दर्भ मे हमारा भारत देश धर्म और दर्शन के देश के रूप मे जाना जाता है । यहाँ अनेको धर...
-
अर्गला मासिक पत्रिका Aha Zindagi, Hindi Masik Patrika अहा जिंदगी , मासिक संपादकीय कार्यालय ( Editorial Add.): 210, झेलम हॉस्टल , जवा...
-
अमरकांत की कहानी -डिप्टी कलक्टरी :- 'डिप्टी कलक्टरी` अमरकांत की प्रमुख कहानियों में से एक है। अमरकांत स्वयं इस कहानी के बार...
-
Statement showing the Orientation Programme, Refresher Courses and Short Term Courses allotted by the UGC for the year 2011-2012 1...
बहुत खूब!!
ReplyDelete