मन क़ी वीणा के तारों को,
टूटे उतने ही साल हुए हैं .
जितने सालों से तुमने,
ना क़ी कोई भी बात प्रिये .
इन सालों को उम्र में मेरी ,
शामिल बिलकुल मत करना .
इनका तो मेरे दिल से,
नहीं कोई सम्बन्ध प्रिये.
-----अभिलाषा
