भारत को धर्म और दर्शन की धरा के रूप में जाना और माना जाता है । भारत अनेकता में एकता की सजीव प्रतिमा है । इसी भारतीयता का समग्र चरित्र किसी एक शहर में देखना हो तो वह होगा बनारस । बनारस को काशी और वाराणसी नामों से भी जाना जाता है ।बनारस/वाराणसी/ काशी को जिन अन्य नामों से प्राचीन काल से संबोधित किया जाता रहा है वे हैं – अविमुक्त क्षेत्र , महाश्मशान , आनंदवन , हरिहरधाम , मुक्तिपुरी , शिवपुरी , मणिकर्णी , तीर्थराजी , तपस्थली , काशिका , काशि , अविमुक्त , अन्नपूर्णा क्षेत्र , अपुनर्भवभूमि , रुद्रावास इत्यादि । इसी का आभ्यांतर भाग वाराणसी कहलता है । वरुणा और अस्सी नदियों के आधार पर वाराणसी नाम पड़ा ऐसा भी माना जाता है ।कहते हैं , दुनिया शेषनाग के फन पर टिकी है पर बनारस शिव के त्रिशूल पर टिका हुआ है। यानी बनारस बाकी दुनिया से अलग है। ...