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विवेकी राय जी का नया उपन्यास -बनगंगी मुक्त है .भाग १

विवेकी राय जी का जन्म १९२७ में हुआ.आप हिंदी और भोजपुरी साहित्य में काफी प्रसिद्ध  रहे.आप उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के एक छोटे से गाँव  सोनवानी से हैं. आप ने ५० से अधिक पुस्तकें लिखीं .आप को कई पुरस्कार भी प्राप्त हुवे.सोनामाटी आप का मशहूर उपन्यास रहा.  महापंडित  राहुल  संकृत्यायन  अवार्ड  सन  २००१ में और   उत्तर  प्रदेश ' का यश  भारती  अवार्ड  सन  २००६ में आप को मिला .    आप क़ी प्रमुख कृतियाँ है  मंगल  भवन  नमामि  ग्रामं  देहरी  के  पार  सर्कस सोनामाटी कालातीत  गंगा जहाज  पुरुस  पुरान समर  शेष  है  फिर  बैतलवा  डार  पर  आम  रास्ता  नहीं  है  आंगन  के  बन्दनवार  आस्था  और  चिंतन  अतिथि  बबूल  चली  फगुनहट  बुरे  आम  गंवाई  गंध  गुलाब  जीवन  अज्ञान  का  गणित  है  लौटकर...