स्वाइन फ्लू मे सावधानियाँ बरतने की बहुत आवस्यकता है । सरकार कह रही है की घबराने की जरूरत नही है , मगर मुझे लगता है की घराने की जरूरत आ गई है । सरकारी इन्तामाजत कम हैं , उनके भरोसे रहना बेवकूफी होगी । फ़िर सरकार को अपने हाथ खड़े करने मे समय भी कितना लगता है ? देश भर मे इस बीमारी से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया है । यह महामारी किसी को भी लग सकती है ,अतः सतर्कता ही बचाव है । हम अपनी दिन चर्या मे कुछ परिवर्तन कर के इस बीमारी की चपेट मे आने से बच सकते हैं । जैसे की साफ़-सफाई का विशेस ध्यान रखें । पानी साफ़ और उबला हुआ ही पियें । बाहर की चीजों को खाने से बचे । सिनेमा हाल, माल,मार्केट और ऐसी ही सार्वजनिक जगहों पे बहुत जरूरी हो तो ही जाए । हमेशा मुह पे स्कार्फ,रुमाल या मास्क लगा कर ही बाहर निकले । विटामिन सी का जादा से जादा सेवन करे । कपड़ो को धोने के बाद डीटाल मे डूबा कर ही सुखाइए । रुमाल पे नीलगिरी के तेल की बुँदे छिड़ककर उपयोग मे लाये । सर्दी-बुखार को गंभीरता से लें । इस बारे मे और अधिक जानकारी प्राप्त कर उस पे सभी के साथ चर्चा करे ।
हिन्दी साहित्य, भाषा-विज्ञान, समाज-विज्ञान, भारतीय संस्कृति और सिनेमा पर प्रामाणिक शोधपरक आलेख। संपादक: डॉ. मनीष कुमार मिश्रा।