Wednesday, 14 April 2010

वो मेरी मोहब्बत का सबब पूंछता है /

=================================
.
वो मेरी मोहब्बत का सबब पूंछता है ,
.
मेरी तन्हाई की गजल पूंछता है ,
.
हाथों में हाथ डाल गैरों के ,
.
मेरी उदासी की वजह पूंछता है /
.
================================= 

No comments:

Post a Comment

Share Your Views on this..

प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष

    प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष डॉ. चमन लाल शर्मा प्रोफेसर ' हिन्‍दी ' शासकीय कला एवं विज्ञान स्‍नातकोत्‍तर महावि...