Wednesday, 21 April 2010

याद तेरी 4

याद तेरी ,
.
महकती सांसें ;
.
याद तेरी ,
.
सिसकती रातें ;
.
याद तेरी ,
.
भोर का सपना ;
.
याद तेरी ,
.
खुदा को तकना ;
.
याद तेरी /
.

No comments:

Post a Comment

Share Your Views on this..

प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष

    प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष डॉ. चमन लाल शर्मा प्रोफेसर ' हिन्‍दी ' शासकीय कला एवं विज्ञान स्‍नातकोत्‍तर महावि...