Sunday, 18 April 2010

मेरी कुछ यादगार तस्वीरें:/;2


 समय बीत जाता है लेकिन स्मृतियाँ हमेशा ताज़ा रहती हैं. मैं उन तमाम लोंगों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ जिन्होंने मुझे इतना स्नेह और सम्मान दिया .
 
 

No comments:

Post a Comment

Share Your Views on this..

प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष

    प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष डॉ. चमन लाल शर्मा प्रोफेसर ' हिन्‍दी ' शासकीय कला एवं विज्ञान स्‍नातकोत्‍तर महावि...