Monday, 31 August 2009

तेरी खामोशी के हजार मतलब होंगे ,

इंतजार कभी खतम नही होता ,

मोहब्बत का दूसरा अर्थ नही होता ;

ऐतराजों का राज कैसे जाने ,

ना शब्द कभी हजम नही होता /

तेरी खामोशी के हजार मतलब होंगे ,

तेरी हँसी के खास मतलब होंगे ;

तेरी हया है तेरी खामोशी अगर ;

मोहब्बत के हजार परवाने होंगे ;

आखों की बातें उलझाती हैं,

चुप्पी तेरी उकसाती है ;

शर्म है या इकरार है वो ;

खामोशी तेरी तड़पाती है /

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