
सब कहते हैं प्रेम करो,
पर प्रेम बड़ा ही मुश्किल है ।
प्रेम सदा देना ही देना ,
लेना इसमे कुछ ना प्रिये ।
---------------------------------------------अभिलाषा
फोटो लिंक-http://http://www.kaemmerling.com/blog/files/admin_ib03.jpg
राष्ट्रीय जागरण और स्वामी विवेकानंद: भारतीय आत्मबोध, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्र-निर्माण का विमर्श डॉ. मनीष कुमार सी. मिश्रा एसोसिएट ...
prem ki utkrishtta to yahi hai..........ati sundar.
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