Thursday, 20 August 2009

कभी तो आखें खुशियों के आंसूं बहायेंगी

कभी तो मुश्किलें हल होंगी ;
कभी तो दुरी कम होंगी ;
इंतजार का सुरूर भी गजब का है ;
कभी तो जिंदगी हम होगी /
कभी तो लम्हे खिलाखिलायेंगे ;
कभी तो ओठ मुसकरायेंगे ;
कभी तो सपने लहलहाएंगे ;
कभी तो आशाएं चहचहायेंगी ;
कभी तो दूरियां सिमट जाएँगी ;
कभी तो भावनाएं बहक जाएँगी ;
कभी तो बाँहों में बाहें समायेंगी ;
कभी तो आखें खुशियों के आंसूं बहायेंगी/

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