Tuesday, 16 June 2009

पहली मुलाक़ात -----------------------

आज उनसे पहली मुलाक़ात हुई,
जो होनी थी ,वही छोड़ सब बात हुई ।

जो परी ख्वाबो मे आती रही अब तक,
उसके पहलू मे ही आज रात हुई ।

यूँ तो चोरी दोनों का कुछ-ना -कुछ हुआ पर,
खुश हैं दोनों ही,अजीब वारदात हुई .

No comments:

Post a Comment

Share Your Views on this..

प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष

    प्रेम और संवेदना के जैविक कवि : मनीष डॉ. चमन लाल शर्मा प्रोफेसर ' हिन्‍दी ' शासकीय कला एवं विज्ञान स्‍नातकोत्‍तर महावि...