Monday, 11 January 2010

हवा थम गयी /

हवा थम गयी ,

सुबह हो गयी ,

फुल हसना भूले ,

जिंदगी गम हो गयी ;

अहसास सीने में खोये ,

सूरज की रोशनी में रोये ,

चांदनी पिघला गयी अरमानो को ,

यादें ले गयी मुस्कानों को /

हवा का झोका आया ,

उससे तड़प भिजवाया ,

फूलों की खुसबू से चाहत कहलवाया ,

सूरज से पैगाम मैंने भेजा था ,

तरसती चांदनी से इमान मैंने भेजा था ,

जवाब का इंतजार इतना भरी था ,

सांसों का चलने से इंकार मुझपे हावी था ,

आगे की कहानी तुम सुनाना ऐ दोस्त ,

मेरी अंतिम साँस पे भी तेरा नाम हावी था /

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