इसतरह तो कुछ, हासिल नहीं होगा
जब मेरे पास,मेरा क़ातिल नहीं होगा ।
डूब कर जाऊँ भी तो, कहाँ जाऊँ
जब जिक्र में, कोई साहिल नहीं होगा ।
जब मेरे पास,मेरा क़ातिल नहीं होगा ।
डूब कर जाऊँ भी तो, कहाँ जाऊँ
जब जिक्र में, कोई साहिल नहीं होगा ।
अमरकांत जन्मशती पर के एम अग्रवाल महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न । कल्याण (पश्चिम) स्थित के. एम. अग्रवाल महाविद्...
No comments:
Post a Comment
Share Your Views on this..