Wednesday, 17 April 2013

कुछ इस तरह मैंने


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सब दोस्त यार दिलवाले रखना / ग़ज़ल/ डॉ मनीष कुमार मिश्रा

  सब दोस्त यार दिलवाले रखना सुख-दुःख उन्हें संभाले रखना। जीवन का क्या, पल दो पल है उसकी यादों के उजाले रखना। आएगी एक दिन सच है लेकिन  तू हँस...