Sunday, 13 December 2009

तो कोई बात न थी /

तेरे बुलावे का इंतजार करता रह गया ,

सपनों को ख्वाब करता रह गया ;

दिल आखों से ना बह जाए कहीं ,

मै जजबातों पे इख़्तियार करता रह गया /

उनमे अहसास ना होता तो कोई बात न थी ,

उन्हें प्यार ना होता तो कोई बात न थी ;

रवायतों जिंदगी की कवायतों ने उन्हें थाम लिया ,

तेरी तमन्नाओं की फरियाद होती तो कोई बात न थी /

आशाओं के तिनके ने मुझे थाम लिया ,

हताशा टूट भी जाती तो कोई बात न थी /

मैं ना का इंतजार करता रह गया ;

तू मेरी मौत पे भी ना आती तो कोई बात न थी /

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