Thursday, 25 March 2010

तेरी आँखों में ---------------------

तेरी आँखों में ---------------------
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               तेरी आँखों में  इतने सवाल क्यों है ?
               कुछ नहीं किया तो मलाल क्यों है ? 
 

               मैं तो तुम्हारा कुछ भी नहीं तो फिर ,
                दिल में अबतक मेरा ख़याल क्यों है ?
 


                 एक ही हैं राम और रहीम यारों,
                 इनके नाम पर फिर बवाल क्यों है ?
 
 
                यह देश इस देश क़ी जनता का है
                 संसद में बैठे फिर  ये दलाल क्यों है ?
 

               


             

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