मेरी जिंदगानी ने सपने बहुत बुने थे लेकिन ,
तेरी कहानी ने मेरे किस्से नहीं सुने ;
तुझसे तुझको मै चुरा लेता लेकिन ,
तेरी आखों ने मेरे सपने नहीं सुने ;
बाहों में भरना इतना भी मुश्किल न होता लेकिन ,
मैंने झूठे जजबातों के वाकये नहीं बुने /
[ बादलों की प्यास हूँ मै ,
जो पूरी न हुयी ,वो आस हूँ मै ;
फूलों की घाटी का ,
दल से बिछडा गुलाब हूँ मै ;
सुबह का पूरा न हुवा ;
वो अधुरा ख्वाब हूँ मै / ]====
{ तजुर्बा उम्र का है या उम्र तजुर्बे की ?
कैसे कहें की बात सच की है या सपने की ?
जो दिया जिंदगी ने समेट लिया ,
जो कहा अपनो ने सहेज लिया /
रास्ते कहाँ जायेंगे जानता नहीं हूँ मै;
खुदा की राह है,मंजिल तलाशता नहीं हूँ मै / }
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( मेरी मोहब्बत से मुझको शिकायत है ,
ऐसे न कर सका की उनको भी आहट हो / )
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