Friday, 7 May 2010

हवाओं से बात करता रहा मैं /

हवाओं से बात करता रहा मैं ;

आखें बिछा रखी थी राहों में ,

आसमान ताकता रहा मैं ;

कान तरसते रहे चन्द बोल उनके सुने ,

काटों बीच खुसबू तलाशता रहा मैं ;

सुबह फिजाओं से हाल उनका पूंछा ,

भोर की किरणों में उनको पुकारता रहा मैं /

हवाओं से बात करता रहा मैं ;

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