Wednesday, 5 September 2012

लोक संस्कृति में कबीर का जीवंत प्रमाण


भारतीय उच्च अध्ययन केंद्र शिमला मेँ  चल रहे दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में दिल्ली के एक प्राध्यापक  श्री  सुमित जी ने  कबीर के लोक संस्कृत में जिंदा होने का प्रमाण इस वीडियो के माध्यम से दिया । काफी मेहनत करके यह सामाग्री इकट्ठी की गई होगी । कबीर पे यह सुंदर सामाग्री है । मै यह सामग्री आप सभी के साथ साझा करना चाहता हूँ ।

    मैं इन दिनों शिमला में ही हूँ , इसलिए इस सामग्री को रिकार्ड करने का मौका मिला । http://www.youtube.com/watch?v=pdLIJnjdI0o&feature=youtu.be  इस लिंक पे क्लिक करके आप विडियो देख  सकते हैं ।

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