Wednesday, 5 September 2012

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का साऊथ अफ्रिका में प्रतिनिधित्व

09वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन जोहानसबर्ग, दक्षिण अफ्रिका में आगामी 22- 24 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है । इस विश्व हिंदी सम्मेलन में भारतीय उच्च अध्ययन केंद्र, शिमला ( IIAS ) का प्रतिनिधित्व यंहा राजभाषा सचिव के रूप में कार्यरत श्री साक्षांत माधवराव मस्के जी कर रहें हैं । आप वंहा पे  महात्मा गांधी की भाषा दृष्टि पे अपना शोध आलेख प्रस्तुत करेंगे ।
 श्री मस्के जी यंहा 1976 से कार्यरत हैं। आप मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले से हैं । आप की शिक्षा औरंगाबाद के मिलिंद कालेज से हुई है । आप ने लाइब्ररी साइंस में स्नातक किया ।
http://www.youtube.com/watch?v=G26uxoA1fjs&feature=share(  इस लिंक पे मस्के जी का साक्षात्कार देखें । )

परिवार के  तंग आर्थिक कारणों से आप ने काम करते हुवे अपना अध्ययन कार्य जारी रखा । चंपा नामक बकरी पाल के भी आपने अपना अध्ययन जारी रखा ।  जैन महविद्यालय पुणे में आप ने अपना पहला इंटरव्यू दिया था । उसके बाद आप दिल्ली आए, वो समय आपातकाल का था ।  आप आए और आप का चयन शिमला के लिए कर लिया गया । जीवन में कई उतार चढ़ाव के साथ आप जीवन में सतत आगे बढ़ते रहे । iias में एसोशिएटशिप कार्यक्रम शुरू कराने में भी आपने पर्दे के पीछे से बड़ा सराहनीय कार्य किया । ओम प्रकाश वाल्मीकि, निर्मल वर्मा  और भीष्म साहनी जैसे साहित्यकारों का साथ आप को मिला ।
हिंदी दिवस पे आप अनेकों ऐसे कार्यक्रम चलाते हैं जो शृंखला बद्ध तरीके से साल भर चलते हैं । दलित साहित्य  पे आप की एक बड़ी महत्वपूर्ण पुस्तक वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हो चुकी है । पुस्तक का शीर्षक है - परंपरागत वर्ण व्यवस्था और दलित साहित्य । इनके अतिरिक्त कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्र- पत्रिकाओं में आप का आलेख नियमित रूप से छपता रहता है ।

अपने कठोर परिश्रम के दम पे आज आप इस मक़ाम तक पहुंचे हैं ।



No comments:

Post a Comment

Share Your Views on this..

सनातन शब्द का पहला प्रयोग

"सनातन" शब्द का प्रयोग बहुत प्राचीन है और यह संस्कृत साहित्य में कई ग्रंथों में मिलता है। लेकिन अगर हम इसकी पहली उपस्थिति की बात क...