Tuesday, 21 July 2009

तेरी स्तुति में मन लीन रहे ,

गुरु को समर्पित

तेरी स्तुति में मन लीन रहे ,

तेरी महिमा में तल्लीन रहे ;

तेरी आभा का गुडगान करे ,

हर पल तेरा ध्यान करे ;

तू सर्वज्ञ , तू सर्वदा ,

तू संवाद तू संवेदना ;

तू ही कारन तू ही कर्ता ,

तू ही है सब कर्ता धर्ता ; तू ही सांसे ,

तू ही जीवन ,तू ही है जीवन का प्रकरण ;

तू ही शिव है तू ही शक्ति ,

तू ही है मेरी भक्ती ;

गान करूँ गुडगान करूँ ,हर पल तेरा ध्यान करूँ ;

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