Saturday, 18 July 2009

तुम मेरा प्यार हो ;मेरा आधार हो

तुम मेरा प्यार हो ;मेरा आधार हो

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बड़ी खुबसूरत हो ;घटाओं की मुरत हो ;

नदी की गरमी हो , पर्वतों की नरमी हो ;

गुलाब की काया हो , चाँद की माया हो ;

सूरज की शीतलता हो , मन की निर्मलता हो ;

बच्चों का स्वभाव हो , दिल का कयास हो ;

तन की प्यास हो ; मन का अहसास हो ;

बड़ी बेमिशाल हो ,वाकई लाजवाब हो /

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